
Maa Kalratri Ke Upay; चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के नौ दिन माँ दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा के लिए समर्पित है। इनमें सातवां दिन माँ कालरात्रि का होता है। माँ कालरात्रि का यह नाम उनकी असीम शक्ति, साहस को दर्शाता है। माँ कालरात्रि डर को खत्म करने वाली, बुराई से लड़ने वाली, और साहस देने वाली देवी हैं। उनकी पूजा से जीवन के डर और नकारात्मक सोच दूर होती है।
इस आर्टिकल में हम आपको माँ कालरात्रि के बारे में बताएँगे और उनकी कृपा पाने के कुछ खास कम सुने उपाय साझा करेंगे, जो पुराने ग्रंथों, तांत्रिक परंपराओं, और लोक मान्यताओं से आए हैं। ये उपाय (Maa Kalratri Ke Upay) आपके जीवन में शांति, सुरक्षा, और शक्ति का संचार कर सकते हैं। आइए सबसे पहले माँ कालरात्रि के बारे में जानते हैं
माँ कालरात्रि कौन हैं?
माँ कालरात्रि माँ पार्वती का एक तेजस्वी व उग्र रूप हैं। उनका रंग काला या गहरा नीला है, जो प्रकृति की अनंत गहराई का प्रतिनिधित्व करता है। उनके बाल खुले हुए हवा में लहराते हैं, और उनकी आँखों से ज्वाला सी चमक निकलती है। चार हाथों वाली माँ कालरात्रि के एक हाथ में तलवार है, जो बुराई को खत्म करने की ताकत दिखाती है।
दूसरे में लोहा है, जो बुरी शक्तियों को हटाता है। तीसरा हाथ अभय मुद्रा में है, जो भक्तों को डर से बचाने का वादा करता है, और चौथा हाथ वरद मुद्रा में है, जो भक्तों को आशीर्वाद देने का संकेत देता है। वे गधे पर सवार होती हैं, जो सादगी और हमारी बुरी आदतों पर काबू पाने का प्रतीक है।
माँ काल रात्रि की पौराणिक कथा
पुराने ग्रंथों, जैसे वामन पुराण और देवी महात्म्य (दुर्गा सप्तशती) में, माँ कालरात्रि की कहानी मिलती है। उन्होंने शुम्भ, निशुम्भ, और रक्तबीज जैसे दानवों का वध किया। युद्ध के समय रक्तबीज के खून की हर बूंद से एक नया राक्षस पैदा हो रहा था, और उसे हराना असंभव सा लग रहा था।
लेकिन माँ ने उसका खून पीकर और राक्षसों को जन्म लेने से रोक दिया और रक्तबीज का संहार कर मानवता को बचाया। वे ग्रह शनि से जुड़ी हैं, इसलिए उनकी पूजा से शनि की परेशानियाँ भी कम होती हैं। तांत्रिक किताबों में उन्हें रात की शक्ति कहा गया है और वे सहस्रार चक्र (सिर का चक्र) से जुड़ी हैं, माँ प्रसन्न होने पर भक्त के लिए ज्ञान, ताकत, और धन का खजाना खोलती हैं।
माँ कालरात्रि की कृपा पाने के अनोखे उपाय
माँ की खास कृपा पाने के लिए कुछ अनोखे और कम सुने उपाय इकठ्ठा किए गए हैं, जो पुरानी किताबों, तांत्रिक रीतियों, और लोगों की मान्यताओं से आए हैं। ये उपाय माँ की ताकत को आपके जीवन में लाते हैं।
उपाय 1. काले तिल और घी का भोग- एक मिट्टी की थाली में काले तिल को घी के साथ मिलाएँ और माँ कालरात्रि को चढ़ाएँ। फिर मां कालरात्रि मंत्र “ॐ देवी कालरात्र्यै नमः” को 108 बार बोलें। भोग को बाद में पक्षियों को खिला दें। इस उपाय को अपनाने से माँ भक्त के डर को खत्म करती हैं और बुरी शक्तियों से सुरक्षा प्रदान करती हैं।
उपाय 2. सात तेल के दीपक- माँ कालरात्रि की मूर्ति के आसपास सात तेल के दीपक जलाएँ। इन्हें गोलाई में रखें और हर दीपक जलाते वक्त एक परेशानी दूर करने की प्रार्थना करें। इस उपाय को करने से माँ की कृपा से भक्त की सात बुराइयों (काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, अहंकार) का नाश किया जाता है और जीवन में संतुलन लाता है।
उपाय 3. लाल गुड़हल के फूल- माँ कालरात्रि की पूजा करने के लिए लाल गुड़हल के फूल चढ़ाएँ। फूल चढ़ाते समय माँ से बुरी शक्तियों से रक्षा माँगें। यह उपाय शारीरिक और मानसिक ताकत बढ़ाता है और भक्त के अंदर व बाहर की नकारात्मकता को दूर करता है।
उपाय 4. काली डोरी बांधना- माँ कालरात्रि की पूजा के बाद काली डोरी अपनी कलाई या घर के दरवाजे पर बांधें और सात दिन बाद इसे नदी में बहा दें। माँ की कृपा से यह उपाय बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा प्रदान करता है।
उपाय 5. काले कौए को भोजन- माँ कालरात्रि की पूजा के बाद काले कौए को गुड़ और रोटी खिलाएँ। यह परिवार की रक्षा करता है और माँ कालरात्रि की कृपा को जल्दी आकर्षित करता है।

उपाय 6. सात काले पत्थर- माँ कालरात्रि की पूजा के समय सात काले पत्थर माँ को चढ़ाएँ और पूजा समाप्त होने के बाद सुनसान जगह पर सातों पत्थर जमीन में छुपा दें। इस उपाय को करने से यह शनि की पीड़ा और जीवन की रुकावटों को दूर करता है।
उपाय 7. कवच पाठ- देवी महात्म्य का कवच सुबह पढ़ें। माँ की कृपा से यह हर तरह की मुसीबत से रक्षा करता है और भक्त के आसपास एक सुरक्षा कवच बनाता है।
उपाय 8. सहस्रार चक्र ध्यान- माँ कालरात्रि की कृपा से आध्यात्मिक ऊर्जा पाने के लिए सूर्योदय पर सफेद कपड़े पहनकर सिर पर ध्यान करें और सप्तम कालरात्रि मंत्र “ॐ ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै” बोलें। माँ की कृपा से यह उपाय ज्ञान और आध्यात्मिक ताकत बढ़ाता है।
उपाय 9. रात का जप- इस उपाय को भक्त को रात में करना होता है। रात 12 बजे मां कालरात्रि मंत्र (Maa Kalratri Mantra) “ॐ कालरात्रि देव्ये नमः” का 108 बार जप करें। इस उपाय को अपनाने से भक्त को डर और अंधेरे से माँ कालरात्रि की सुरक्षा और साथ ही मानसिक शांति मिलती है।
श्मशान साधना व तांत्रिक साधना से बचें
माँ कालरात्रि के तांत्रिक साधना से जुड़े उपाय सार्वजनिक मंचों पर अक्सर नजर आ जाते हैं ,भक्तों से अनुरोध है कि वो ऐसे उपायों को अपनाने से बचे । ये उपाय अत्यंत सावधानी से करने होते हैं और उनका पालन न होने पर साधना करने वाले को बुरी शक्तियों द्वारा हानि भी पहुंचाई जाती है। इसलिए ऐसे उपायों से दूर रहें।
माँ कालरात्रि और काले तिल का खास रिश्ता
माँ कालरात्रि को काले तिल बहुत पसंद हैं। यह शक्ति और साफ मन का प्रतीक है। माँ कालरात्रि की पूजा के समय तिल-गुड़ के लड्डू चढ़ाएँ और माँ का नाम लें। उनकी कृपा जल्द से जल्द आप पर बरसेगी।
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माँ कालरात्रि की पूजा कैसे करें?
माँ कालरात्रि की पूजा नवरात्रि के सातवें दिन होती है। भक्त सुबह जल्दी उठते हैं, नहाते हैं, और काले या लाल रंग के कपड़े पहनते हैं। फिर भक्त माँ की मूर्ति को गंगाजल से साफ करते हैं । फिर भक्त लाल फूलों (गुलाब या गुड़हल) से माँ कालरात्रि की मूर्ति को सजाकर घी का दीप जलाते हैं।
भोग में काले तिल, गुड़ की मिठाई, या शहद चढ़ाएँ, क्योंकि माँ कालरात्रि को ये बहुत पसंद हैं। “ॐ देवी कालरात्र्यै नमः” और “या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः” मंत्र बोलें। पूजा के बाद “जय कालरात्रि माता” आरती गाएँ और प्रसाद बाँटें।
सातवां दिन क्यों खास है?
माँ कालरात्रि को बुराई को खत्म करने वाली और रक्षा करने वाली देवी के रूप में जाना जाता है। उनका काला रूप अंधेरे को हर लेता है, और तलवार-लोहा साहस का प्रतीक है। वे भक्त को डर, दुश्मन, और बुरी सोच से छुटकारा दिलाती हैं। चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन ये उपाय आपकी आत्मा को आध्यात्मिक ताकत देते हैं और साथ ही कई परेशानियों से बचाते हैं।
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FAQ- Maa Kalratri Ke Upay
मां कालरात्रि का मंत्र क्या है?
मां कालरात्रि का मंत्र ॐ देवी कालरात्र्यै नमः है।
माँ कालरात्रि की पूजा से क्या फायदा होता है?
मां कालरात्रि की पूजा करने से भक्त को डर दुश्मन और बुरी सोच से छुटकारा मिलता है।
मां कालरात्रि के मंत्र का कितनी बार जाप करना होता है?
मां कालरात्रि के मंत्र का 108 बार जाप करना होता है।
परिवार की रक्षा के लिए मां कालरात्रि का कौन सा उपाय करते हैं?
परिवार की रक्षा के लिए मां कालरात्रि पूजा के बाद काले कौवे को गुड़ और रोटी खिलाना चाहिए।
सात बुराइयों को नष्ट करने के लिए महाकाल रात्रि का कौन सा उपाय करते हैं?
सात बुराइयों को नष्ट करने के लिए माँ कालरात्रि की पूजा में सात दीपक जलाते हैं।