
Garnet Stone Benefits in Hindi: सूर्य देव को ऊर्जा, आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा और जीवन शक्ति का देवता माना जाता है। ग्रीक माइथॉलजी से लेकर हर सिविलाइजेशन में सूर्य देव के अस्तित्व को स्वीकार किया है। सूर्य वह दिव्य शक्ति है जो व्यक्ति के भीतर विभिन्न प्रकार के प्रकाश भरती है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर या पीड़ित हो तो आत्मविश्वास की कमी हो जाती है।
केवल कुंडली ही नहीं बल्कि कुंडली को न मानने वाले लोग भी सूर्य देव की शक्ति को नकार नहीं सकते। इसीलिए जिन लोगों को मानसिक अस्थिरता है, करियर में रुकावटें आ रही है, सम्मान नहीं मिल पा रहा, आत्मविश्वास की कमी है वे लोग सूर्य की ऊर्जा को बढ़ाने हेतु विभिन्न रत्नों का सहारा ले सकते हैं। और इसी क्रम में सामने आता है लाल गार्नेट का उपाय।
जी हां लाल गार्नेट सूर्य का उपरत्न कहा जाता है। यह सूर्य के मुख्य रत्न रूबी की ऊर्जा के समान है और इसे धारण करने पर सूर्य देव की सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है जिससे करियर की रुकावटें समाप्त होने लगती है, आत्मविश्वास बढ़ने लगता है स्वास्थ्य समस्याएं दूर हो जाती है और आध्यात्मिक रूप से व्यक्ति ऊर्जावान बन जाता है।
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क्या है लाल गार्नेट और सूर्य का दिव्य संबंध
लाल गार्नेट का रंग अग्नि के समान चमकदार होता है। लाल गार्नेट ऊर्जा को सूर्य की ऊर्जा के समान माना जाता है। सूर्य अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है लाल गार्नेट भी उसी प्रकार की ऊर्जा से भरा हुआ है। इसीलिए लाल गार्नेट को धारण करने वाला व्यक्ति जब सूर्य की किरणों में पहुंचता है तब यह गार्नेट एक्टिवेट हो जाता है, सूर्य की ऊर्जा को अपने आप में समाहित कर लेता है जिससे इसे धारण करने वाले व्यक्ति को शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक तीनों स्तर पर लाभ प्राप्त होता है।
लाल गार्नेट धारण करने के लाभ(Garnet Stone Benefits in Hindi)
आत्मविश्वास में वृद्धि: जिन लोगों का आत्मविश्वास काफी कम है, जो भीड़ में बोलने से डरते हैं उनके लिए लाल-गार्नेट वरदान साबित होता है। यह रत्न सूर्य की ऊर्जा को सक्रिय करता है जिससे व्यक्ति निडर होता है आत्मविश्वासी बनता है। उसका स्टेज फीयर समाप्त हो जाता है और वह नेतृत्व क्षमता में विकास प्राप्त करता है।
करियर में वृद्धि: लाल गार्नेट कुंडली मे सूर्य को उच्च का बनाता है। सूर्य यदि उच्च का हो जाए तो करियर की अस्थिरता समाप्त हो जाती है, प्रमोशन के अवसर बनते हैं, बड़े लोगों का सहयोग प्राप्त होता है, व्यक्ति की परफॉर्मेंस बेहतर होती है और उसे सम्मान और पैसा दोनों ही मिलता है।

स्वास्थ्य में सुधार: लाल गार्नेट धारण करने से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है, लाल गार्नेट सूर्य को उच्च का बनाता है और जब सूर्य उच्च का हो जाए तो ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, व्यक्ति के सोलर प्लेक्सस मजबूत होने लगते हैं। इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाता है, थकान कमजोरी दूर हो जाती है और मानसिक स्पष्टता बढ़ती है।
पिता के साथ संबंध में सुधार: जिन लोगों का सूर्य कमजोर होता है उनके पिता के साथ संबंध भी खराब होते हैं। ऐसे में पिता से जुड़े जेनरेशनल ट्रॉमा भी ऐसे लोगों को झेलने पड़ते हैं। लालगार्नेट धारण करने से पिता से जुड़े जेनरेशनल ट्रॉमा दूर होते हैं, इन्हें पिता का प्यार मिलता है, पिता के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ते हैं और ऐसे व्यक्ति अपने बच्चों के लिए भी अच्छे अभिभावक साबित होते हैं।
लाल गार्नेट कब और कैसे पहने
लाल गार्नेट धारण करने का सबसे सही दिन रविवार का दिन है। इस दिन सुबह सूर्योदय के दौरान स्नान इत्यादि कर शुद्ध होकर सूर्य देव को अर्घ्य दें, इसके तत्पश्चात इसे धारण करें। इसे धारण करने के लिए आप सोने या तांबे में अंगूठी या लॉकेट के रूप में इसे जड़वा सकते हैं और रविवार के दिन सुबह सूर्य को अर्घ्य देने के बाद इसे गंगाजल दूध और केसर वाले जल से शुद्ध कर सूर्य मंत्र का जाप कर एक्टिव करें, तत्पश्चात इसे अपने अनामिका उंगली में धारण करें।

इस प्रकार यदि आप भी जीवन में आत्मविश्वास, आत्म सम्मान, सफलता और फोकस प्राप्त करना चाहते हैं तो लाल गार्नेट धारण कर सकते हैं। लालगार्नेट सूर्य देव का उपरत्न है जो उनके मुख्य रन माणिक की तरह ही ऊर्जा देता है, परंतु यह काफी किफायती सुरक्षित और सभी के लिए उपयुक्त विकल्प कहा जाता है।
FAQ- Garnet Stone Benefits in Hindi
लाल गार्नेट स्टोन के क्या फायदे हैं?
लाल गार्नेट कुंडली मे सूर्य को उच्च का बनाता है। सूर्य यदि उच्च का हो जाए तो करियर की अस्थिरता समाप्त हो जाती है, प्रमोशन के अवसर बनते हैं, बड़े लोगों का सहयोग प्राप्त होता है, व्यक्ति की परफॉर्मेंस बेहतर होती है और उसे सम्मान और पैसा दोनों ही मिलता है।
गार्नेट रत्न कौन पहन सकता है?
जिन लोगों को मानसिक अस्थिरता है, करियर में रुकावटें आ रही है, सम्मान नहीं मिल पा रहा, आत्मविश्वास की कमी है वे लोग सूर्य की ऊर्जा को बढ़ाने हेतु गार्नेट रत्न में पहन सकते हैं?
गार्नेट रत्न किस दिन धारण करना चाहिए?
गार्नेट धारण करने का सबसे सही दिन रविवार का दिन है। इस दिन सुबह सूर्योदय के दौरान स्नान इत्यादि कर शुद्ध होकर सूर्य देव को अर्घ्य दें, इसके तत्पश्चात इसे धारण करें।
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