
Hanuman Chalisa Chaupai Upay: जीवन में जब कठिनाइयां पड़ जाती हैं और हर और अंधकार और निराशा घिरती हैं तब इंसान को केवल आस्था ही सहारा देती है और आस्था को व्यक्त करने का बेहतर तरीका है मंत्र और चौपाइयों का स्मरण। जी हां हमारे सनातन धर्म में पुराणों और शास्त्रों में कई मंत्रों और चौपाइयों को वर्णित किया गया है।
ऐसा ही एक महत्वपूर्ण मार्ग है हनुमान जी के स्मरण का मार्ग। जी हां हनुमान जी को संकट मोचन कहा जाता है और हनुमान जी को यह वरदान में मिला है कि वह हर युग में अपने भक्तों की सहायता करेंगे। इसी के चलते चाहे वह शारीरिक पीड़ा हो या मानसिक पीड़ा, आर्थिक संकट, अदृश्य भय हनुमान जी की शरण में जाने वाला भक्त सुरक्षित हो जाता है।
हनुमान चालीसा क्यों है इतनी महत्वपूर्ण
हनुमान की भक्ति का सबसे बड़ा प्रमाण है हनुमान चालीसा। गोस्वामी तुलसीदास रचित यह 40 चौपाइयों का अद्भुत संगम केवल एक स्तुति नहीं परंतु दिव्य कवच है जिसकी प्रत्येक चौपाई मनुष्य के भीतर आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। सबसे अद्भुत बात यह है कि हनुमान चालीसा का लाभ प्राप्त करने के लिए इसका पूरा पाठ याद होना आवश्यक नहीं, केवल कुछ विशेष चौपाइयां भी यदि याद हो जाएँ और श्रद्धा भाव से उनका स्मरण करें तो हनुमान जी अपनी असीम कृपा भक्तों पर बरसाते हैं।
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यही कारण है कि संकट की घड़ी में लोग अक्सर हनुमान चालीसा का जाप करते हैं और कुछ विशेष पंक्तियों का जाप तो तुरंत फल प्रदान करता है। अतः आज के इस लेख में हम आपको इसी का विस्तारित विवरण देंगे, जहां हम बताएंगे हनुमान चालीसा की वह कौन सी पंक्तियां हैं जिनका जाप करके चमत्कारी परिवर्तन लाया जा सकता है और यदि पूरी चालीसा याद ना हो तो केवल उन्हीं पंक्तियों का जाप कर किस प्रकार चमत्कारिक परिवर्तन प्राप्त किया जा सकता है

हनुमान चालीसा की विशेष चौपाइयां और उनके स्मरण का लाभ
संकट से हनुमान छुड़ावै,
मन क्रम, बचन ध्यान जो लावै
यह पंक्तियां स्वयं सिद्ध करती हैं कि हनुमान जी का स्मरण मात्र करने से भक्त हर संकट से पार हो जाता है। हनुमान जी के स्मरण से भक्त किसी भी संकट से भयभीत नहीं होता। जब व्यक्ति मन, वचन और कर्म से हनुमान जी का ध्यान करता है तो अपने आप उसके संकट दूर हो जाते हैं। फिर वह संकट चाहे किसी भी प्रकार का क्यों ना हो हनुमान जी धीरे-धीरे सभी कष्टों को समाप्त कर देते हैं।
भूत पिशाच निकट नहीं आवे
महावीर जब नाम सुनावे

चौपाई नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर,व मानसिक तनाव और डर को दूर करने का सबसे कारगर उपाय है। यह पंक्ति उन सभी अदृश्य भयों को दूर करती है जो दिखाई नहीं देते परंतु मन के किसी कोने में बैठे रहते हैं। कहा जाता है कि इन पंक्तियों का जाप करने से आसपास में आने वाली नकारात्मक शक्तियां भी नष्ट हो जाती हैं। यहां तक कि नजर दोष भी समाप्त हो जाता है। रात को सोने से पहले यदि इन पंक्तियों का जाप किया जाए तो पूरे सपने में और नींद अच्छी आती है।
नासे रोग हरे सब पीरा
जपत निरंतर हनुमत बीरा
जो लोग इस पंक्ति का जाप करते हैं तो उनके सभी रोग और पीड़ाएं दूर हो जाती हैं। यह पंक्तियां मानसिक तनाव, अवसाद, अनिद्रा, शारीरिक बीमारी इत्यादि से छुटकारा दिलाती हैं। इन पंक्तियों के जाप से हनुमान जी की असीम कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति के शरीर में प्राण शक्ति का प्रवेश होता है।
अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता।
अस वर दीन जानकी माता।।
इस पंक्ति के जाप से जीवन की सारी दरिद्रता, अभाव और आर्थिक कष्ट दूर हो जाते हैं। ये पंक्तियां माता सीता द्वारा हनुमान जी को दिए गए वरदान का स्मरण कराती हैं। जहां माता सीता ने हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नव निधि का वरदान दिया था। ऐसे में अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता का स्मरण जब कोई व्यक्ति करता है तो हनुमान जी उसे भी हर प्रकार के दुख दरिद्र से दूर करते हैं और समृद्धि प्रदान करते हैं
विद्यावान गुनी अति चातुर।
रामकाज करिबे को आतुर।।

इस पंक्ति में हनुमान जी की बल बुद्धि और राम भक्ति का वर्णन किया गया है। ऐसे हनुमान जो विद्वान हैं, गुनी हैं और अति चतुर हैं, जो राम के काम के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं और यदि आप भी श्री राम का स्मरण कर हनुमान जी से प्रार्थना करते हैं तो आपको भी भगवान स्मरण शक्ति प्रदान करते हैं, बुद्धि तेज करते हैं और राम नाम लेकर शुरू किए गए हर कार्य में सफलता प्रदान करते हैं।
राम दुआरे तुम रखवारे।
होत ना आज्ञा बिनु पैसारे।।
इस पंक्ति का स्मरण करने से जीवन के हर बंद मार्ग खुलने लगते हैं। पंक्ति में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि रक्षकर्ता हनुमान राम के द्वार पर खड़े हैं और रक्षा कर रहे हैं जिनकी आज्ञा के बिना कोई काम नहीं होता। यदि कोई व्यक्ति किसी प्रकार की समस्या से घिरा है तो यह पंक्तियां विश्वास दिलाती हैं कि राम द्वारा यानी धर्म मार्ग पर चलने के दौरान हनुमान जी स्वयं उसकी रक्षा करेंगे और इस दौरान यदि कोई भी बाधा आती है तो हनुमान जी स्वयं सही दिशा प्रदान करेंगे।
हनुमान चालीसा पढ़ने के लाभ
- यदि आप रोजाना हनुमान चालीसा पढ़ते हैं, सुनते हैं या केवल इसका भावार्थ पढ़ते हैं तो आपको हनुमान चालीसा के पठन-पाठन के विभिन्न लाभ मिलते हैं।
- हनुमान चालीसा का पाठ करने या केवल सुनने मात्र से भय, चिंता, तनाव दूर हो जाते हैं। इसका पाठ रोगों और पीड़ाओं से मुक्ति देता है।
- यदि कोई व्यक्ति दरिद्रता और कर्ज में डूबा हुआ है तो उसे आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है। यह पाठ न केवल धार्मिक शक्ति प्रदान करता है बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा भी देता है।
- इसके पाठ से आसपास में सुरक्षा कवच का निर्माण होता है जिससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। बुरी नजर भूत प्रेत और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होता है
कुल मिलाकर हनुमान चालीसा केवल एक भक्ति ग्रंथ नहीं परंतु जीवन की हर समस्या का समाधान है। इसकी चौपाइयां दिव्य मंत्रों की तरह हैं जो श्रद्धा और विश्वास के साथ पढ़ने पर तत्काल प्रभाव देती हैं। सबसे खास बात यह है कि हनुमान चालीसा पूरी याद करने की आवश्यकता नहीं।
यदि आप इसे पूरा नहीं याद कर सकते तो केवल कुछ विशेष चौपाइयों का स्मरण भी उतना ही प्रभाव देता है जितना की पूरी चालीसा का पाठ, क्योंकि गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा की हर चौपाई को इस प्रकार रचा है कि उसमें विशेष शक्ति समाहित हो गई है। और यदि पूरी चालीसा का पाठ न याद हो तो कुछ विशेष पंक्तियां याद कर उनका श्रद्धा से जाप करने पर निश्चित ही संकट की घड़ी में हनुमान स्वयं साथ खड़े हो जाते हैं।
FAQ- Hanuman Chalisa Chaupai Upay
संकट में कौन सी चौपाई पढ़े?
संकट में पढ़ी जाने वाली हनुमान चालीसा की चौपाई “संकट से हनुमान छुड़ावै, मन क्रम, बचन ध्यान जो लावै” है, जो भक्त की हर संकट से रक्षा करती है हनुमान जी का स्मरण करने से भक्त किसी भी संकट से भयभीत नहीं होता।
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